वल्कनित रेशा

वल्कनित रेशा सेलूलोज़ (कपास और सैलूलोज़ के तंतु) से बनी हुई एक संयोजन सामग्री है. इस शब्द का संदर्भ प्राकृतिक रबड़ को सख़्त रबड़ बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली वल्कनीकरण प्रक्रिया से है, जो सरसरी तौर पर, वल्कनित रेशे की उत्पादन प्रक्रिया के समान है. वल्कनित रेशों के उत्पादन में, कपास और/या सेलूलोज़ के तंतुओं के जाल को ज़िंक-क्लोराइड के घोल/सल्फ़्यूरिक अम्ल से बने हुए चर्म पत्र घोल से गुज़ारतें हैं, जिसके परिणामस्वरूप रेशे विघटित हो जाते हैं. इसके बाद, तरल पदार्थ को दबा कर बाहर कर दिया जाता है, जिससे व्यक्तिगत रेशे और जाले बिना किसी जुड़ाई पदार्थ के आपस में जुड़ जाते हैं.

उच्च यांत्रिक शक्ति, कम वजन पर स्थिरता और उत्कृष्ट लचीलेपन की वजह से वल्कनित रेशा आजकल न केवल छिद्रित भागों, सील-मुहरों, लैमिनेट के लिए बैकिंग और अन्य औद्योगिक उत्पादों के लिए उपयोग किया जाता है; बल्कि अपघर्षक डिस्क, तथा-कथित वल्कनित रेशा अपघर्षक डिस्क या संक्षेप में फाइबर डिस्क के लिए भी सब्सट्रेट के रूप में प्रयोग किया जाता है  . इन उत्पादों को सामान्यतः 0.38 और 0.84 mm के बीच की मोटाई वाले तलों के साथ बनाया जाता है.

वल्कनित रेशा स्थायी रूप से केवल 110 डिग्री सेल्सियस तक ही तापमान प्रतिरोधी है. इस कारण से उपयोगकर्ता को अनुशंसित दवाब स्तरों से अधिक स्तरों पर काम नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे डिस्क पर ज्वलन और छाले हो सकते हैं, और जिसके परिणामस्वरूप अंततः दानों का स्फोटन हो सकता है.
वल्कनित रेशे का तल बनाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाला सेलूलोज़ द्रवग्राही होता है, जिसका अर्थ है कि वह पर्यावरण से आर्द्रता सोखता और उसमें आर्द्रता छोड़ता है, जिस कारण रेशों के घनफल में परिवर्तन होता है. फाइबर डिस्क, बहुत अधिक या बहुत कम आर्द्रता के संपर्क में आने से मुड़ सकते हैं. इसलिए, डिस्कों को एक मध्यम आर्द्रता के स्तर (लगभग 45-65% की सापेक्ष आर्द्रता) पर संग्रहित  करने की सलाह दी जाती है.

Klingspor अपने फाइबर अपघर्षक डिस्क के लिए सब्सट्रेट सामग्री के रूप में वल्कनित रेशे का प्रयोग करता है.    इस क्षेत्र में, Klingspor कई प्रकार के अनुप्रयोगों के लिए फाइबर डिस्कों की एक व्यापक उत्पाद श्रेणी प्रस्तुत करता है.

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