माइक्रोक्रिस्टलाइन

“माइक्रोक्रिस्टलाइन” शब्द एक अपघर्षक के दाने की विशिष्ट संरचना का वर्णन करता है. यह संरचना प्रत्येक मृत्तिका अपघर्षक दाने की उत्पादन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में छोटे एल्यूमीनियम ऑक्साइड के कणों को जोड़ने से बनती है. व्यक्तिगत एल्यूमीनियम ऑक्साइड के कणों के बीच की महीन सीमाएं  मृत्तिका दाने के अंदर अखण्ड रहतीं हैं, जिससे इस दाने को तथाकथित एक माइक्रोक्रिस्टलाइन संरचना मिलती है.

जिन अपघर्षकों के दानों की माइक्रोक्रिस्टलाइन संरचना होती है वह उपयोग में आत्म-तीक्ष्ण गुण दिखलातें हैं: पीसने की प्रक्रिया में जैसे ही एक दाने की सबसे ऊपरी नोक रूक्ष हो जाती है, बढ़ते दबाव के कारण यह नोक दाने से झाड़ जाती है.  चूंकि यह झड़ना माइक्रोक्रिस्टलाइन संरचना के समानांतर होता है, दाने की फिर से एक नई पैनी नोक उत्पन्न हो जाती है और इस प्रकार पिसाई की आक्रामकता में कोई अंतर नहीं आता है.

मृत्तिका के दानों वाले अपघर्षक के सर्वोत्कृष्ट घिसाव व्यवहार के लिए यह ज़रूरी है की पिसाई के दौरान पर्याप्त सतही दबाव बना रहे.
माइक्रोक्रिस्टलाइन मृत्तिका-दानों वाली पिसाई की बेल्टों के लिए अनुप्रयोग के मुख़्य क्षेत्र वो सामग्री है जिसकी मशीन से कटाई करना मुश्किल होता है जैसे की मिश्रधातु इस्पात, अकलुष इस्पात और तथाकथित उत्कृष्ट मिश्रधातु.

Klingspor की उत्पाद श्रेणी में मृत्तिका-दानों वाले विभिन्न अपघर्षक हैं, जो अनुप्रयोग क्षेत्र के अनुसार उपयोग किए जाने वालेतल के लचीलेपन और तनन शक्ति के आधार पर भिन्न है. ठंडी पिसाई की आवश्यकता वाले अनुप्रयोगों के लिए है  Klingspor की उत्पाद श्रेणी में मल्टीबॉन्ड के साथ माइक्रोक्रिस्टलाइन संरचना वाले मृत्तिका-अपघर्षक शामिल हैं.

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