चमड़े का प्रसंस्करण

चमड़ा एक प्राकृतिक उत्पाद है जो पशु की त्वचा से बनता है और जिसे चर्म शोधन द्वारा टिकाऊ बनाया जाता है. इस प्रक्रिया में प्राकृतिक फाइबर संरचना लगभग पूरी तरह से कायम रहती है. आगे की प्रक्रिया में चमड़े का दानेदार भाग और पिछला भाग उभर कर आते हैं.

चमड़े को घिसने पर चमड़े की ऊपरी सतह (दानेदार भाग) अथवा पिछले भाग (मांस की ओर) को एक रोलर पर घूमते हुए अपघर्षक पेपर से घिसा या पालिश किया जाता है. इस प्रसंस्करण का उद्देश्य सामग्री को एकसमान दृश्य प्रभाव देना है.
ऊपरी भाग को घिसने से यह थोड़ा रोआं देता है. इस तरह से संसाधित किये गए चमड़े को नुबुक चमड़ा कहा जाता है.

दानेदार भाग को घिस कर चिकना चमड़ा भी बनाया जा सकता है अथवा जितना संभव जो सके इसकी संरचना संरक्षित रहती है. एक प्रारूपिक उदाहरण मगरमच्छ चमड़ा है.
चमड़े के पिछले भाग को घिस कर तथाकथित स्वेड चमड़ा उत्पादित किया जाता है, इसे वैलुअर (मखमली) चमड़ा भी कहते हैं.

Klingspor के लेपित अपघर्षकों की श्रेणी में चमड़े के प्रसंस्करण के लिए डिजाइन किए गए अपघर्षकों की एक विस्तृत श्रंखला शामिल है.

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