एंटिस्टैटिक कोटिंग

गैर-प्रवाहकीय सामग्री (जैसे लकड़ी या प्लास्टिक) के प्रसंस्करण के लिए विशेष रूप से उपयोग किए जाने वाले अपघर्षक को उनके उत्पादन के दौरान ही एक एन्टीस्टेटिक कोटिंग दे दी जाती है, जिनमें विद्युत प्रवाहकीय तत्व मिले होते हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि अपघर्षक और मशीन से बिजली के चार्ज सुरक्षित रूप से डिस्चार्ज हो सकें.

विभिन्न सामग्रियों के बीच उत्पन्न घर्षण की वजह से एक-दूसरे के साथ घिसने वाली सतहों के बीच अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रान प्रवसन होता है, जिसके परिणामस्वरूप चार्ज में दूरी पैदा होती है, जिससे गैर-प्रवाहकीय सामग्रियों के विद्युत प्रभार में अंतर हो जाता है जो ऑफसेट नहीं किया जा सकता इसका परिणाम, उदाहरण के तौर पर यह है कि अपघर्षक बेल्ट, मशीन या वर्कपीस पर इलेक्ट्रिक चार्ज वाले धूल के आसंजन हो जाते हैं जो सबसे उत्कृष्ट धूल निकास प्रणाली से भी डिस्चार्ज नहीं हो पाते. पूर्वकथित व्यवहार और धूल के आसंजनों को क्रमशः अपघर्षकों पर एक एन्टीस्टेटिक कोटिंग देकर कम किया जा सकता है, जैसा कि आमतौर पर लकड़ी प्रसंस्करण में उपयोग किया जाता है और इससे अपघर्षक का सेवा जीवन भी बढ़ सकता है.

स्वाभाविक रूप से, Klingspor के लकड़ी के परिष्करण के लिए सभी प्रकार के अपघर्षक एन्टीस्टेटिक कोटिंग से लैस हैं और उनकी तली में (“Antistatic”) लेबल लगाया गया है. कुछ प्रकारों में "बुनियादी उपकरण" में तल(पेपर, कपड़ा) में दी गयी एन्टीस्टेटिक कोटिंग के अतिरिक्त यह कोटिंग घिसने वाले भाग पर भी दी गयी है, क्योंकि उनके कृत्रिम राल के जोड़ में भी विद्युत प्रवाहकीय पदार्थ (जैसे ग्रेफाइट)  मिलाया गया है (उदाहरण के लिए PS 24 F, CS 538 Z). यह अपघर्षक बेहतर एन्टीस्टेटिक संरक्षण प्रदान करतें हैं, जिससे चरम स्थितियों में एक उपयुक्त धूल निकास प्रणाली के साथ संयुक्त किये जाने पर पीसने की प्रक्रिया लगभग धूल-मुक्त हो जाती है.

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